IPO मैं Grey Market क्या होता है | What is Grey Market In IPO |

 

IPO मैं Grey Market क्या होता है | What is Grey Market In IPO |
IPO मैं Grey Market क्या होता है | What is Grey Market In IPO |

Introduction

जैसे कि मेरे पहले वाले What is IPO के अंत में आपने पढ़ा होगा। कि अगर आपको Financial Statements पढ़ के समझ में ना आता हो कि यह IPO मैं Investment करना चाहिए कि नहीं। तो मैंने आपको बताया था आप Grey Market premium को देखकर Investment कर सकते हो।

 

तब आपके मन में विचार आया होगा कि Grey Market Premium क्या होता है। कौन देता है। और कैसे Decide किया जाता है। तो उन सवालों का जवाब आपको यहाँ पर मिलेगा। लेकिन सबसे पहले आपको यह समझना पड़ेगा की यह Grey Market क्या होता है।

 

Grey Market क्या होता है ?

Grey Market ना ही White मतलब Legal होती है। और ना ही Black मतलब Illegal होती है। यह दोनों के बीच की होती है। जिसको आप Legal और Illegal दोनों में से कुछ नहीं बोल सकते।

 

जैसा कि मैंने पहले वाले What is Share Market। How Share Market Works। वाली पोस्ट में बताया था कि IPO के Closing Date के कुछ दिनों के बाद Share Market मैं Listing होती है। यह जो कुछ दिनों का टाइम होता है। और उसके अंदर IPO Application की Trading होती है। उसे हम Grey Market मैं Trade करते हैं। उसे ही Grey Market कहाँ जाता है।

Grey Market premium क्या होता है ?

जैसे कि मैंने ऊपर बताया की IPO के Listing से पहले Grey Market premium के भाव पर खरीदा बेचा जाता है। चलिए उदाहरण से समझते हैं।

 

मान ले XYZ Ltd IPO 75 Share 180-200 Rate पर लेकर आया है। और Grey Market Premium 20 Rs चल रहा है। तो जो भी Cutoff Price पर Share Allot किए जाएंगे। उससे 20 Rs ज्यादा पर आपसे खरीद लिए जाएंगे।

 

इसका मतलब अगर तो आपको Share Allot होंगे उसके ऊपर 75 × 15 = 1500 / -रुपए का आपको फायदा होगा। लेकिन अगर तो आपको Share Allot नहीं होते हैं तो आपको ना कोई फायदा होगा ना ही कोई नुकसान होगा।

 

ऊपर दिखाए गए उदाहरण में जो आपको 20 रुपए के हिसाब से मुनाफा दिया जा रहा है उसे ही Grey Market premium कहा जाता है।

Grey Market Premium कौन लोग निकालते हैं ? 

Grey Market premium निकालने वाले बड़े-बड़े HNI और NII Investor होते हैं। और उसके अलावा भी बड़े-बड़े Investor होते हैं। जिनके पास बहुत सारा पैसा होता है। यहाँ पर एक बात समझनी चाहिए की SEBI की Guidelines के हिसाब से एक आदमी 13 Lots से ज्यादा का Lots Application नहीं कर सकता। इसका मतलब है कि वह 200000 /- से ज्यादा पैसा एक IPO मैं नहीं डाल सकता। और उनके परिवार में 5 सदस्य है। तो 10Lakh से ज्यादा पैसे नहीं डाल सकता। और बड़े-बड़े Investor के पास अच्छी कंपनी के IPO मैं डालने के लिए करोड़ों में पैसे होते हैं। तो वह लोग सोचते हैं की ऐसी परिस्थिति में क्या किया जाए। तो इसका जुगाड़ लगाया है Grey Market ने।

 

वह लोगों के पास IPO में लगाने के लिए बहुत सारे पैसे होते हैं। और Application करने की SEBI की Limit की वजह से वह लोग ज्यादा Application नहीं कर सकते। और Lottery System से IPO Allotment होता है। जिसकी वजह से उनको IPO लगने के Chances कम हो जाते हैं।

 

ऊपर बताई गई बातों को पढ़कर आपको यह तो समझ में आ गया होगा Grey Market Premium Decide करने वाला कोई एक आदमी तो नहीं है। इसके लिए बहुत सारे लोग होते हैं। जिनको कुछ पैसे ज्यादा देकर भी IPO का Allotment सुनिश्चित करना है।

Grey Market Premium कैसे Decide होता है ?

जैसे कि आप जान गए होंगे Grey Market चलाने वाला कोई एक आदमी या कोई संस्था नहीं है। यह लोग अलग-अलग Individual होते हैं। जो अपने आसपास के लोगों से या फिर Broker से ऐसे लोग ढूँढते हैं। जो Premium लेकर अपनी IPO की Application उन्हें बेचकर अपना मुनाफा कर ले। यह जो Premium Offers दिया जाता है वह सबका अपना-अपना होता है। पर इन सब का Average निकाल कर Grey Market premium Decide होता है।

 

Grey Market मैं खरीदी और बेचने के फायदे नुकसान ?

यहाँ पर आप सोचते होंगे कि सबसे बड़ी चीज की Grey Market मैं आकर अपनी IPO Application बेच दूं, या फिर Grey Market मैं से IPO Application खरीद लूं, तो क्या मैं फयदे में रहूंगा, या फिर नुकसान में रहूंगा। देखो यहाँ पर एक बात समझने जैसी है। यहाँ पर काम करने वाली 2 ही पार्टी है अगर किसी का फायदा होगा तो दूसरे का नुकसान। और किसी का नुकसान होगा तो किसी का फायदा। चलो इसे विस्तार में समझते हैं। इसके अंदर मुख्य रूप से 3 तरह से फायदे और नुकसान हो सकते हैं।

 

If Listing Above Premium

अगर XYZ Ltd की Grey Market premium 20/- रुपया है, और Company 40/- रुपया ऊपर Listing करती है। तो खरीदने वाले का फायदा होता है, और बेचने वाले का फायदा कम हो जाता है, या फिर नुकसान हो जाता है।

 

If Listing Below Premium

अगर XYZ Ltd की Grey Market premium 20 / – रुपया है, और Company 10 / -रुपया ऊपर Listing करती है। तो खरीदने वाले का नुकसान होता है। और बेचने बाला नुकसान से बस जाता है। या फिर फायदा होता है।

If Listing Same Premium

अगर XYZ Ltd की Grey Market premium 20 / -रुपया है, और Company 20 / -रुपया ऊपर Listing करती है। तो बेचने वाले का तो फायदा हो गया है। लेकिन खरीदने वाले को ना फायदा हुआ ना नुकसान होता है। पर कभी-कभी Broker से खरीदा होता है तो उनका Charge जो लगेगा उसका नुकसान होता है।

 

Conclusion

दोस्तों मैंने यहाँ पर Grey Market क्या होता है, Grey Market Premium क्या होता है, वह कौन लोग निकालते हैं, वह कैसे Decide होते हैं, और इसके फायदे और नुकसान के बारे में बताने का प्रयास किया है। मैं मानता हूँ कि आपको समझ में आया होगा। लेकिन आपको अगर कुछ समझ में ना आया हो, या फिर कुछ पूछना हो, तो नीचे Comment करके पूछ सकते हो। इसके अलावा अगर आपको Mutual Fund, Account, Tally, Tax और Investment के बारे में कुछ भी जानकारी चाहिए तो, आप Comment Box मैं पूछ ले हो सके उतनी जल्दी जवाब देने का प्रयास करूंगा।

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