Share Market मैं ट्रेड करने के तरीके | Ways to trade in Share Market |

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Share Market मैं ट्रेड करने के तरीके | Ways to trade in Share Market | 
Share Market मैं ट्रेड करने के तरीके | Ways to trade in Share Market | 
Share Market मैं ट्रेड करने के तरीके | Ways to trade in Share Market | 

 Introduction

Hello दोस्तों यहाँ पर आज हम Share Market मैं Trade करने के तरीकों के बारे में हम समझेंगे। Share Market का नाम सुनकर सब लोग के मन में एक ही सवाल आता है यहाँ तो जल्दी पैसा बन जाता है। जबकि वास्तव में ऐसा नहीं है कभी-कभी तो जल्दी से पैसा चला भी जाता है। जिसको हम Risk और Reward के नाम से पहचानते हैं। और हमें इसमें काम होने वाले तरीके के बारे में समझना पड़ेगा, और इसके साथ उसमें रहने वाले Risk और Reward को भी समझना पड़ेगा। इसके बारे में आप आगे समझेंगे।

 

Share Market मैं Risk और Reward क्या होता है ?

अगर आप Share Market मैं लंबे समय तक काम करना चाहते हो तो आपको यह चीज समझने अनिवार्य है। यहाँ पर सीधा हिसाब है कि अगर आप ज्यादा Risk लोगे तो आपको ज्यादा Reward भी मिलेगा। जो आपके Trade करने के Format पर निर्भर करता है। और जिसके लिए आपको अलग-अलग तरीके की Analysis और Researchers करनी होती है। जिसको आपको सीखना अनिवार्य होता है।

 

Share Market मैं काम करने के लिए कौन-कौन सी Analysis करनी होती है ?

Share Market मैं काम करने के लिए आपको मुख्य तो 2 तरीके की Analysis होती है। पर यह आपके Trading करने के Format पर भी निर्भर करती है।

 

Technical Analysis क्या होता है ?

यह एक तरह की Technical Analysis है जो दुनिया के पुराने जमाने के विद्वानों ने बनाई हुई Analysis है। जिसको Charts देखकर समझा जा सकता है। यह Analysis छोटी और मध्यम अवधि के लिए है। अगर आप Trade करते हो तो आपको काम में आती है।

 

Fundamental Analysis क्या होता है ?

यह एक तरह की Fundamental Analysis है। जिसको समझने के लिए आपको Company के Financial Statements पढ़ना जरूरी है। यह Analysis लंबी अवधि के लिए अगर आप Investment करना चाहते हो तभी की जाती है।

 

Share Bazar मैं Trade करने के तरीके ?

शेयर बाज़ार में Trade और Investment करने के बहुत सारे तरीके हैं, जिसके लिए आपको अलग-अलग तरीके की Analysis भी करनी होती है, और जिसके अंदर अलग-अलग प्रतिशत की Risk और Reward भी शामिल है यहाँ पर मुख्यतः 5 तरीके के Trade / Investment की जाती है

 

1) Day Trading

यहाँ पर आपको सिर्फ कुछ घंटे का Time मिलता है, इसका मतलब आपको एक ही दिन में Share खरीद कर बेच देना है। इसके अंदर Trade करने के लिए आपको Technical Analysis सीखनी होती है। और इसके अंदर Risk और Reward High होता है। यहाँ Trade करने के लिए High volatility वाले Share का चयन किया जाता है। क्योंकि अगर आपने खरीदे हुए Share 1 दिन में आपके खरीदे हुए भाव से ऊपर नहीं जाता है, तो आपको नुकसान उठाना पड़ सकता है, पर अगर आपने खरीदे हुए भाव से ऊपर जाता है तो 1 दिन में मुनाफा हो सकता है। ज्यादातर मामलों में यह Trade बड़ी Quantity साथ किया जाता है। जिसके लिए बड़ा पैसा होना जरूरी है। यहाँ पर Trade करने के लिए आपको पूरा Market Hours कंप्यूटर के सामने बैठना पड़ेगा।

 

2) Short Term Trading

यहाँ पर कुछ दिनों के लिए Trade की जाती है इसको 1 तरीके की Swing Trading कि कहीं जाती है। जिसके अंदर आप 3 दिन से लेकर 15 दिन के लिए Share Hold करते हो, इसके अंदर Trade करने के लिए आपको Technical Analysis सीखनी होती है। और इसके अंदर Risk और Reward Day Trading के हिसाब से कम होता है। क्योंकि अगर आपने खरीदे हुए Share का भाव नीचे चला जाता है तो आपके पास कुछ दिनों का Time होता है। जिसके वजह से आप भाव ऊपर आने के लिए रुक सकते हो। इसके अंदर Trade करने के लिए पूरा Market Hours कंप्यूटर के सामने बैठने की जरूरत नहीं होती, पर उसकी जगह आपको दिन में एक से दो बार अपने लिए हुए Share का भाव देख लेना होता है। आपके आपने सोचे हुए Target तक पहुँचे तो आप उसे बेच सकें।

3) Medium Term Trading

यहाँ पर ज्यादा दिनों के लिए Trade की जाती है, इसके अंदर 20 दिनों से लेकर 6 महीनों के लिए Share Hold किये जाते हैं। इसके अंदर Trade करने के लिए आपको Technical Analysis और Fundamental Analysis दोनों करना आनी चाहिए, इसके अंदर Short term के मुकाबले कम Risk और Reward होती है। क्योंकि अगर आपने लिए हुए Share के दाम कम भी हो जाते हैं, तो भी आपके पास समय होता है कि उसको Hold करके Profit मैं बेच सकें, इसके अंदर Trade करने के लिए आपको पूरा Market Hours कंप्यूटर के सामने बैठने की जरूरत नहीं होती, आपको सिर्फ दो-तीन दिन में भाव देखने होते हैं। ताकि अगर आपके Target के पास भाव आ जाए तो आप उसे बेच सके।

 

4) Long Term Investment

यहाँ पर आप सालों के लिए Investment करते हो, मैं तो इसे Life Time Investment बोलता हूँ। यहाँ पर Trade करने के लिए आपको Fundamental Analysis करनी जरूरी होती है। यहाँ पर अगर आपने ठीक से Fundamental Analysis की है तो Risk ना के बराबर होता है, और Reward अच्छा खासा मिलता है। क्योंकि अगर आपके Share का भाव नीचे भी चला जाए तो भी आपको डरने की जरूरत नहीं होती क्योंकि आपके पास सालों का समय होता है। इसके लिए आपको हफ्ते में 1 बार अपने लिए हुए Share और Market को देखना होता है। ताकि जैसे Covid के समय शेर बाज़ार अचानक से गिर गई थी तो ऐसे समय पर आप Share बेचकर अपना मुनाफा बाँध ले, और जब नीचे जाए तो फिर से लंबी अवधि के लिए खरीद ले।

 

5) Feature & Option

यह एक ऐसी Trading है जिसको समझना एक आम इंसान के लिए मुमकिन ही नहीं नामुमकिन है। अगर इसमें काम करना है तो आपके पास बहुत बड़ी पूंजी होनी चाहिए, पूरा दिन Market Hours मैं स्क्रीन के सामने बैठना जरूरी है, और यह बहुत बड़ी Risky Trading होती है। अगर आप गलत गए तो आपकी सारी पूंजी खत्म हो जाती है, और इतनी Rewarding भी है, अगर आप सही गए तो आपकी पूंजी दुगनी हो जाएगी। इसके लिए आपको Technical Analysis सीखनी जरूरी है, अगर आप सीखे बिना इस Trading मैं जाते हो तो यह आपके लिए बहुत हानिकारक होता है। आप उतने ही पैसे इसमें डालें जिसके जाने पर आपको कोई फर्क नहीं पड़ता।

Market Hours क्या होता है ?

अपने ऊपर बहुत बार पढ़ा होगा Market Hours तो आपके मन में विचार आया होगा कि यह क्या होता है। जिसको हम 5 भाग में समझते हैं।

1) Pre Opening

Indian शेयर बाज़ार सुबह 9.30 को खुलता है। पर उसके पहले 9.15 से लेकर 9.25 तक पहले से डाले हुए सोदे को Settle किया जाता है। जिसको हम Pre Opening Market बोलते हैं।

2) Opening Session

Indian शेर बाज़ार सुबह 9.30 को खुलता है। जिसके बात Share की Trading शुरू होती है, और खुलने के बाद के 2 घंटों को Opening Session बोला जाता है। इस वक्त पर मार्केट में High Volatility होती है। Share के भाव जल्दी से बदलते रहते हैं।

3) Mid Market Session

इसका समय 11.30 से 2.00 तब का होता है। इस वक्त Share Market सुस्त रहता है। ज्यादातर इस वक्त Trade Volume कम होता है। इस टाइम पर लोग अपना Lunch खत्म करना और दूसरे कामों में लग जाते हैं।

4)  Closing Session

इसका समय 2.00 से 3.30 तक का होता है।  इस वक्त फिर से शेयर बाज़ार में Volatility बढ़ जाती है, और शेयर के भाव जल्दी से बदलने लगते हैं।

5) After Closing Session

जब शेयर मार्केट 3.30 बंद हो जाती है, इसके बाद 10 minutes के लिए After Closing Session चलता हे, जिसके अंदर कोई भी Trade नहीं डाल सकता पर System मैं मौजूद सभी सौदों को Settle किया जाता है। और उसके बाद Final Closing आती है।

Conclusion

दोस्तों मैंने यहाँ पर Share Market मैं काम करने के लिए Risk और Reward क्या है, शेयर बाज़ार में काम करने के लिए कौन-सी Analysis कौन-सी Trading के वक्त करनी चाहिए, यहाँ पर ट्रेड करने के तरीके क्या-क्या है, और Share Market Hours के बारे में समझाने का प्रयास किया है। पर अगर आपको कुछ समझ में ना आया हो या फिर कुछ पूछना हो तो नीचे Comment करके पूछ सकते हो। इसके अलावा अगर आपको Mutual Fund, Account, Tally, Tax और Investment के बारे में कुछ भी जानकारी चाहिए तो आप Comment Box मैं पूछ ले। हो सके उतनी जल्दी जवाब देने का प्रयास करूंगा।

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