Investment कहां और कितना करें | Where and How Much Invest |

Investment कहां और कितना करें | Where and How Much Invest |
Investment कहां और कितना करें | Where and How Much Invest |

 Introduction

नमस्कार दोस्तों यहाँ पर हम कहाँ और कितना इन्वेस्टमेंट हमें करना चाहिए इसके बारे में जानेंगे। दोस्तों पैसा बचाना (Save) और इन्वेस्ट (Invest) करना दोनों अलग-अलग चीजें हैं।

बचाना (Saving) का मतलब यह है कि आपके खर्चों में से कुछ पैसे आपने बचा लिए। पर इसका फायदा तब मिलता है जब आप उसको सही तरीके से इन्वेस्ट करेंगे।

इन्वेस्ट (Investing) का मतलब यह है कि आपने जो पैसे बचाइए है उसे सही तरीके से सही जगह पर इन्वेस्ट करना। जिससे आपको आगे जाकर अच्छी इनकम हो सके।

Financial Freedom। (वित्तीय स्वतंत्रता)

इन्वेस्टमेंट चालू करने से पहले आपको Financial Freedom (वित्तीय स्वतंत्रता) होनी ज़रूरी है। ऐसा ना हो की आपने इन्वेस्टमेंट तो शुरू कर दी पर कुछ दिनों के बाद आपको वही पैसे की ज़रूरत पड़ी तो आपने वह पैसे निकाल दिए। Financial Freedom (वित्तीय स्वतंत्रता) पाने के लिए आपको कुछ चीजें इन्वेस्टमेंट के पहले ही करनी होगी।

Expenses Freedom। (खर्च की स्वतंत्रता) 

इसका मतलब यह है कि आपके महीने के घर चलाना, बच्चों की पढ़ाई का 6 महीने का ख़र्चा आप को पहले से ही अलग रखना होगा। ताकि अगर आपकी नौकरी चली जाती है, या फिर आपका बिजनेस मंदा होता है तो आपको इन्वेस्टमेंट के पैसे निकालने की ज़रूरत ना पड़े। हो सके तो इस पैसे को सेविंग अकाउंट में रखें या फिर Bank FD करवा कर रखें।

Medical Freedom। (चिकित्सा स्वतंत्रता)

 इसका मतलब यह है कि आप इन्वेस्टमेंट चालू करने से पहले अपना मेडिक्लेम निकाल ले। ताकि आपके और आपके घर में किसी को भी मेडिकल इमरजेंसी आए तो आपको इन्वेस्टमेंट तोड़ने की ज़रूरत ना पड़े। इसके लिए आपको प्रति आदमी मतलब आपके घर में जितने भी लोग हैं उनका कम से कम 200000 तक का मेडिक्लेम होना चाहिए। और आप फैमिली मेडिक्लेम करवाएँ ताकि ज़्यादा बेनिफिट उठा सकें।

Life Freedom। (जीवन स्वतंत्रता)

 इसका मतलब यह है कि आप इन्वेस्टमेंट चालू करने से पहले अपना लाइफ इंश्योरेंस ज़रूर से निकाले। ताकि अगर आपको कुछ हो जाता है तो आपके परिवार को यह इन्वेस्टमेंट निकालने की ज़रूरत ना पड़े। लाइफ इंश्योरेंस लेने का सही तरीक़ा यह है कि आप टर्म प्लान लें। यह आपको कम पैसों में ज़्यादा कवर देती है। अगर आपने 25 साल के हो तो आपको 8000 या 9000 मैं 50 लाख तक का इंश्योरेंस मिल जाएगा।

Retirement Freedom। (सेवानिवृत्ति स्वतंत्रता)

 इसका मतलब यह है कि आपको अपने Retirement Freedom (सेवानिवृत्ति स्वतंत्रता) के लिए भी पैसे जमा करने होंगे। ताकि जब भी आप रिटायर हो तो आपके पास हर महीने के खर्चे चलाने के लिए पैसे आते रहे।

अपने ऊपर बताए गए Financial Freedom, (वित्तीय स्वतंत्रता) को पूरा करने के बाद ही इन्वेस्टमेंट चालू करना है। चाहे आपको Investment 1 साल के बाद ही क्यों ना करना पड़े। 

Where and How Much Invest

इन्वेस्टमेंट कहाँ करना है कितना करना है मतलब Where and How Much Invest।  वह आपकी उमर से decide होगी। आपकी जो भी उमर हो उसको 100 से कम करेंगे इतना पैसा आप मुचल फंड और शेयर बाज़ार में लगा सकते हैं। (अगर आपकी उम्र 25 साल है तो आप 100-25 = 75%)। और बचे हुए पैसे को आप Bank FD कर सकते हो। अगर आपको शेयर बाज़ार के बारे में जानकारी नहीं है या फिर शेयर बाज़ार की उतार चढ़ाव देखने का समय नहीं है। तो आप से विनती है कि मुचल फंड में ही पैसे लगाएँ। म्यूचल फंड से इन्वेस्टमेंट करने के अलग-अलग तरीके हैं।

Method of Mutual funds Investment

Lumpsum। (एकमुश्त)

इसका मतलब यह है अगर आपके पास बड़ी Amount पहले से ही बचाई हुई है तो आप Lumpsum (एकमुश्त) मैं मुचल फंड में इन्वेस्ट करें। पर यह बहुत ही Risky Investment होगा।

S I P (Systematic Investment Plan)

इसका मतलब यह है कि हर महीने आपके अकाउंट से कुछ रुपया म्यूच्यूअल फंड मे इन्वेस्ट होगा। इसका फायदा यह है कि आप हर महीने शेयर बाज़ार के हर लेवल पर इन्वेस्टमेंट करोगे। ज्यादातर मामलों में म्यूच्यूअल फंड का सबसे ज़्यादा मुनाफा S I P मैं ही होता है।

S T P (systematic transfer plan)

इसका मतलब यह है कि आपने अपनी पुरानी बचत को Lumpsum मैं रख दी। और उसमें से अपने S I P करवा ली। इसका फायदा यह है कि आपने Lumpsum में तो पैसे रख दिए।  और उसमें से शेयर बाज़ार के हर एक लेवल से इन्वेस्टमेंट कर रहे हो तो आपको ज़्यादा मुनाफा होगा।

म्यूच्यूअल फंड में इन्वेस्टमेंट करने के लिए आपको ज़्यादा टाइम देना होता है। तो ही आपको ज़्यादा मुनाफा मिल पाता है। अगर आप 3 से 5 साल तक का टाइम देते हो तो आपको अच्छा मुनाफा मिलता है।

दोस्तों हमें इन्वेस्टमेंट करने के टाइम यह बात का भी ध्यान रखना है कि हमें इन्फ्लेशन से ज़्यादा का रिटर्न मिले। पिछले कुछ सालों से इन्फ्लेशन 4% से 5% के बीच रहता है। तो हमको कम से कम 10% का रिटर्न मिले तो ही हमारा इन्वेस्टमेंट सही होगा।

# म्यूचुअल फंड में निवेश करना शेयर बाज़ार का रिस्क होता है। तो आप सोच समझकर निवेश करें।म्यूच्यूअल

फंड में इन्वेस्टमेंट करने के लिए आपको ज़्यादा टाइम देना होता है। तो ही आपको ज़्यादा मुनाफा मिल पाता है। अगर आप 3 से 5 साल तक का टाइम देते हो तो आपको अच्छा मुनाफा मिलता है।

दोस्तों हमें इन्वेस्टमेंट करने के टाइम यह बात का भी ध्यान रखना है कि हमें इन्फ्लेशन से ज़्यादा का रिटर्न मिले। पिछले कुछ सालों से इन्फ्लेशन 4% से 5% के बीच रहता है। तो हमको कम से कम 10% का रिटर्न मिले तो ही हमारा इन्वेस्टमेंट सही होगा।

 

# म्यूचुअल फंड में निवेश करना शेयर बाज़ार का रिस्क होता है। तो आप सोच समझकर निवेश करें।

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