TDS की पूरी जानकारी | Full Details of TDS |

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TDS की पूरी जानकारी | Full Details of TDS |
TDS की पूरी जानकारी | Full Details of TDS |
TDS की पूरी जानकारी | Full Details of TDS |

 Introduction

Hello दोस्तों आज हम यहां पर TDS की पूरी जानकारी लेंगे। वैसे तो मैंने पहले TDS / TCS क्या होता है पोस्ट के अंदर बहुत सारी जानकारी दे दी थी। पर अगर आपको एक अच्छा Accountant बनना है तो आपको इसके पीछे का Logic समझना भी जरूरी है। अगर आप एक बार यह Logic समझ गए तो आपके दिमाग में से TDS के लिए किसी भी तरह का Confusion नहीं रहेगा। और इसको ज्यादा अच्छी तरह से समझने के लिए आप से विनती है कि आप मेरी TDS / TCS क्या होता है वाली Post पहले पढ़ ले।

TDS का Full Form TAX DEDUCTED AT SOURCE होता है, और आप नाम से ही पहचान गए रहोगे इसके अंदर Tax Deduct करना होता है। इसके अंदर कई सारे Section Government ने पहले से ही निर्धारित किया है। और सभी Section के अंदर अलग-अलग % पहले से ही निर्धारित किए है  तो आज हम उसमें के मुख्य Section और उनके % के बारे में समझेंगे। यह वही Section होंगे जो आम Accounting के लिए बहुत जरूरी है। पर इसके लिए मुझे पहले वाले Post की बातें फिर से दोहरा नी पड़ेगी। क्योंकि आप मै से कई सारे लोग पुरानी पोस्ट जाकर पढ़ने का कष्ट नहीं उठाएंगे वह मैं जानता हूं।

Government ने TDS का Rule क्यों लाया ?

यहाँ पर सोचने वाली बात यह है कि अगर TDS एक तरह का Income Tax हे तो Government को TDS लाने की ज़रूरत क्यों पड़ी। दोस्तों इसके पीछे दो कारण है।

पहला कारण यह है कि पहले लोग Profit को छुपाने के लिए खर्चे डालने होते थे। जो खर्चे Cash मैं होते थे वह तो पहले से ही डालें गए होते थे। पर जब भी Cash In Hand ख़त्म हो जाती थी तब वह लोग Commission, Labour, Interest, जैसे खर्चे को डालकर Profit कम कर देते थे। क्योंकि इस तरह के खर्चो को वह लोग बाद में भी Payment कर सकते थे। इस बात की जानकारी Government को लग चुकी थी इसलिए उन्होंने यह Rule निकाला ताकि Profit छुपाने के सारे रास्ते बंद हो जाए।

दूसरा कारण यह है कि पहले लोग Profit को छुपाने के लिए खर्चे डालते थे पर उसके सामने Income कोई नई दिखाता था। अगर किसी ने Expenses दिखाया है तो Income भी तो दिखानी चाहिए। इस बात की जानकारी Government को लग चुकी थी इसलिए उन्होंने TDS का Rule लेकर आए। इसमें आपको सामने वाले का PAN NUMBER लिखना है। जिस से Government को पता चले यह किसकी Income है।

 यहां पर आप यह तो समझ गए होंगे की Government ने TDS का Rule क्यों लाया। अब हम यह समझते हैं कि कौन से Section मैं कितना प्रतिशत % होता है। और वह रखने की वजह क्यों है आगे आप देखेंगे। यह किसी में ज्यादा प्रतिशत है किसी में कम प्रतिशत है तो उसके पीछे का Logic क्या है। एक बार आप इसके पीछे का Logic समझ गए तो आपको TDS के बारे में किसी भी प्रकार का Confusion नहीं रहेगा।

Section 94A TDS on Interest पर 10% क्यों लगता है ?

TDS on Interest 94A in Detail
TDS on Interest 94A in Detail

यहां पर Interest अगर आप किसी को देते हो तो वह आपका खर्चा होगा, और यह खर्चा अगर आप अपने Books of Account मैं डालोगे तो आपको 10% TDS काटना अनिवार्य होगा।

Government यह सोचती है कि अगर आप ब्याज पर पैसे दे रहे हो तो आपकी Taxable Income हो सकती है, और जिसके अंदर Interest सीधे-सीधे आपके Income के अंदर Add हो जाएगी। इसलिए आपसे Minimum 10% TDS Deduction करवाया जाता है।

लेकिन आप में से कई सारे लोग यह बोलेंगे कि हमारी किसी भी तरह की Taxable Income नहीं है, यह तो हमारे पुराने पैसे हैं जिनको हमने ब्याज पर लगाए हैं, ऐसी परिस्थिति में Government आपको एक Self Declaration Form देने का Option दिया है। जिसका नाम है Form 15G & Form 15H इसको दे कर आप ब्याज देने वाली पार्टी को TDS Deduct नहीं करने को बोल सकते हैं।

Section 94I TDS on Rent पर 10% क्यों लगता है ?

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TDS On Rent (94 I) In Detail

यहां पर Rent अगर आप किसी को देते हो तो वह आपका खर्चा होगा। और यह खर्चा अगर आप अपने Books of Account मैं डालोगे तो आपको 10% TDS काटना अनिवार्य होगा।

Government यह सोचती है कि अगर आप Rent पर Property दे रहे हो तो आपकी Taxable Income हो सकती है। और जिसके अंदर Rent सीधे-सीधे आपके Income के अंदर Add हो जाएगी। इसलिए आपसे Minimum 10% TDS Deduction करवाया जाता है।

हो सकता है आपकी Taxable Income ना हो, और Income Tax के Rules के हिसाब से 1/3 Rent की Income के ऊपर Deduction मिलता है, पर फिर भी आपका 10% TDS कट जाएगा, और अगर आपका Taxable Income नहीं है तो वह आपको Income Tax से Refund आ जाएगा।

Section 94J TDS on Professional Fees पर 10% क्यों लगता है ?

TDS On Professional Fees (94 J) In Detail
TDS On Professional Fees (94 J) In Detail

यहां पर Professional Fees अगर आप किसी को देते हो तो वह आपका खर्चा होगा, और यह खर्चा अगर आप अपने Books of Account मैं डालोगे तो आपको 10% TDS काटना अनिवार्य होगा।

Government यह सोचती है कि अगर आप Professional Services दे रहे हो तो आपकी Taxable Income हो सकती है, क्योंकि आप एक ही जगह पर Professional Services नहीं देते रहोगे। आप अलग-अलग जगह पर बहुत सारी  Company मैं  Professional Services देते रहोगे। और जिसकी वजह से Professional Fees पर सीधे-सीधे आपसे Minimum 10% TDS Deduction करवाया जाता है।

आपको यह Professional Fees कमाने के लिए कुछ खर्चे भी करने होते हैं तो आपकी  Professional Fees की income कम हो जाती है। अगर आपकी Income Below Taxable है तो वह आपको Income Tax से Refund आ जाएगा।

Section 94H TDS on Commission पर 5% क्यों लगता है ?

TDS On Commission (94 H) In Detail
TDS On Commission (94 H) In Detail

यहां पर Commission अगर आप किसी को देते हो तो वह आपका खर्चा होगा, और यह खर्चा अगर आप अपने Books of Account मैं डालोगे तो आपको 5% TDS काटना अनिवार्य होगा।

Government यह सोचती है कि अगर आप Commission ले रहे हो तो आपकी Taxable Income हो सकती है। क्योंकि आप एक ही जगह Commission Services नहीं देते रहोगे आप अलग-अलग जगह पर बहुत सारी  Company मैं  Commission Services देते रहोगे, और जिसकी वजह से Commission  सीधे-सीधे आपसे Minimum 5% TDS Deduction करवाया जाता है।

आपको यह Commission कमाने के लिए कुछ खर्चे भी करने होते हैं। तो आपकी  Commission की income कम हो जाती है। अगर आपकी Income Below Taxable है तो TDS आपको Income Tax से Refund आ जाएगा।

Section 94C TDS on Contract पर 1% & 2% क्यों लगता है ?

TDS मे सबसे Confusion वाला Part यही है। क्योंकि 1 ही Section के अंदर दो प्रकार के TDS है। अभी किस पर कितना काटने का वह सभी के मन में दुविधा रहती है। अगर आप इन दोनों % अलग अलग होने का कारण समझ गए तो आपको किसी भी तरह का Confusion नहीं रहेगा।

Section 94C TDS on Contract For Individual & HUF पर 1% क्यों लगाते हैं ?

TDS On Contract (94 C) for Individual & HUF In Detail
TDS On Contract (94 C) for Individual & HUF In Detail

यहां पर Contract काम अगर आप किसी Individual & HUF को देते हो तो वह आपका खर्चा होगा, और यह खर्चा अगर आप अपने Books of Account मैं डालोगे तो आपको 1% TDS काटना अनिवार्य होगा। जैसे कि Labour charges।

Government यह सोचती है कि अगर आप Contract ले रहे हो तो आपकी Taxable Income हो सकती है, क्योंकि आप एक ही जगह Contract Services नहीं देते रहोगे आप अलग-अलग जगह पर बहुत सारी  Company मैं  Contract Services देते रहोगे। और जिसकी वजह से Government  सीधे-सीधे आपसे Minimum 1% TDS Deduction करवाया जाता है।

आपको यह Contract पर काम करने के लिए  कुछ खर्चे भी करने होते हैं तो आपकी Contract की income कम हो जाती है। अगर आपकी Income Below Taxable है तो TDS आपको Income Tax से Refund आ जाएगा।

यहां पर TDS On Contract अगर किसी Individual & HUF को दे रहे हैं वह कैसे पता चलेगा। अगर आप यह सोचते हो तो मेरा PAN Number बाला Post जाकर पढ़ लीजिएगा। अब हम यह देखते हैं की Individual & HUF को 1% ही TDS क्यों काटना है। Government क्या सोचती है की अगर एक Individual & HUF को अगर Taxable Income हे तो भी उसे Income Tax Slab का फायदा मिल सकता है। इसकी वजह से Government ने 1% ही TDS रखा है।

Section 94C TDS on Contract For Partnership & Limited Company पर 2% क्यों लगाते हैं ?

TDS On Contract (94 C) for Partnership & Limited Company In Detail
TDS On Contract (94 C) for Partnership & Limited Company In Detail

यहां पर Contract काम अगर आप किसी Partnership Firm & Limited Company को देते हो तो वह आपका खर्चा होगा। और यह खर्चा अगर आप अपने Books of Account मैं डालोगे तो आपको 2% TDS काटना अनिवार्य होगा जैसे कि Labour charges।

Government यह सोचती है कि अगर आप Contract ले रहे हो तो आपकी Taxable Income हो सकती है। क्योंकि आप एक ही जगह Contract Services नहीं देते रहोगे। आप अलग-अलग जगह पर बहुत सारी  Company मैं  Contract Services देते रहोगे। और जिसकी वजह से Commission  सीधे-सीधे आपसे Minimum 2% TDS Deduction करवाया जाता है।

आपको यह Contract पर काम करने के लिए  कुछ खर्चे भी करने होते हैं। तो आपकी Contract की income कम हो जाती है। अगर आपकी Income Below Taxable है तो TDS आपको Income Tax से Refund आ जाएगा।

यहां पर TDS On Contract अगर किसी Partnership Firm & Limited Company दे रहे हैं वह कैसे पता चलेगा अगर आप यह सोचते हो तो मेरा PAN Number बाला Post जाकर पढ़ लीजिएगा। अब हम यह देखते हैं की Partnership Firm को 2% ही TDS क्यों काटना है। Government यह सोचती है की अगर एक Partnership Firm & Limited Company अगर Taxable Income हे तो उसे Income Tax Slab का फायदा नहीं मिल सकता है। इसकी वजह से Government ने 2% ही TDS रखा है।

Conclusion

दोस्तों मैंने यहां पर TDS से जुड़ी हुई सभी बातों को समझाने का प्रयास किया है। यहां पर मैंने Government ने TDS का Rule क्यों लाया। इसके अलावा कई सारे Important TDS के Section को लाने का Government का वक्तव्य क्या था, और क्यों कम ज्यादा Percentage रखा, और हमें अगर Income Tax भरने के लिए नहीं आ रहा है तो हमें क्या करना चाहिए, इसके बारे में सभी जानकारी बताने का प्रयास किया है। इसके अलावा भी कई सारे मुद्दे को समझाने का प्रयास किया है। अगर आपको कोई चीज समझ में ना आया हो, या फिर कुछ पूछना हो तो आप नीचे Comment करके पूछ सकते हैं। इसके अलावा अगर आपको Mutual Fund, Account, Tally, Tax और Investment के बारे में कुछ भी जानकारी चाहिए तो आप Comment Box मैं पूछ ले। हो सके उतनी जल्दी जवाब देने का प्रयास करूंगा।

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