Balance Sheet के महत्वपूर्ण शब्द की जानकारी | Important Words of Balance Sheet |

Balance Sheet के  महत्वपूर्ण शब्द की जानकारी | Important Words of Balance Sheet |
Balance Sheet के  महत्वपूर्ण शब्द की जानकारी | Important Words of Balance Sheet |

 

Tally Solution Balance Sheet
Tally Solution Balance Sheet

Balance Sheet

बैलेंस शीट को आम भाषा में खाता वारी भी कहा जाता है. इसमें हमे  जिस पार्टी से पैसा लेना और देना रहता है उसके बारे में जानकारी लिखी जाती है। चाहे वह माल के सामने हो या फिर उधार के सामने। बैलेंस शीट में लिखी हुई जानकारी दूसरे साल के लिए carry forwad किया जाता है। जो दूसरे साल की ओपनिंग बैलेंस शीट बनती है। इसमें Assets ओर Liability 2 भाग होते हैं।

Liability (देना)

Liability में देने की पार्टियों का हिसाब रखा जाता है। जो भी पार्टी को हमें पैसा देना है वह यहाँ पर लिखा जाता है। चाहे वह माल के सामने हो या फिर लोन के सामने। Liability में बहुत सारे अलग-अलग ग्रुप होते हैं।

Capital Account 

कैपिटल अकाउंट में जो भी कंपनी का मालिक होता है उसका खाता होता है। क्योंकि उसने कंपनी में पैसा इन्वेस्ट किए हुए हैं जो वह कंपनी से ले सकता है। कैपिटल अकाउंट को कंपनी की जीवन भर की पूंजी भी कहा जाता है। क्योंकि जितना भी प्रॉफिट कंपनी करती है और जो भी उसके पर्सनल ख़र्च होते हैं उसको कम करके यह कैपिटल अकाउंट बनता है।

(Secured) Loan Account

Secured Loan में जब हम किसी भी चीज को गिरवी रख कर लोन लेते हैं उसको Secured Loan कहा जाता है।  जैसे कि हमने कार के सामने लोन दी है तो उसको कार लोन यानी सिक्योर वाला  लोन कहा जाता है। अगर हमने घर के सामने ली है तो उसको हाउसिंग लोन कहा जाता है। अगर हमने कोई चीज को गिरवी रख कर जैसे कि गोल्ड, स्टॉक और एफडी के सामने अगर तो लोन लेते हैं तो वह सिक्योर्ड लोन कहा जाता है।

(Unsecured) Loan Account

Unsecured Loan मैं किसी भी तरह की सिक्योरिटी नहीं रहती है। ज्यादातर यह लोन हमारे फ्रेंड या फिर फैमिली मेंबर से लिया जाता है।

Duties & Taxes

Duties & Taxes इसमें ज्यादातर अगर तो गवर्नमेंट का कोई Taxes जैसे कि GST या Income Tax भरना बाक़ी रहे उसकी जानकारी लिखी जाती है।

Sundry Creditors

Sundry Creditors इसमें ज्यादातर हमारी जो भी पार्टी को पैसा देना है उसकी जानकारी लिखी जाती है। इसमें दो प्रकार के क्रेडिटर्स रहते हैं। एक जिससे हमने मान लिया है। दूसरा जिसने हमारा कुछ काम किया है। जैसे कि इलेक्ट्रिसिटी कंपनी टेलीफोन की कंपनी अकाउंटेंट की फीस CA की फीस यदि देने की पार्टी की डिटेल होती है

Assets (लेना) 

Assets में ज्यादातर जो भी लोगों से हमें पैसे लेने हैं या हमारी जो भी पूंजी है चाहे वह कोई Fixed Assets के सामने हो या फिर Investment के सामने या फिर लेने वाली पार्टी के सामने हो या फिर हमारे पास के कैश और बैंक में रखे हुए पैसे हो वह सब Assets गीने जाते हैं।  इसमें भी अलग-अलग ग्रुप होते हैं।

Fixed Assets

Fixed Assets इसमें जो भी हमारे पास Assets होते हैं जैसे कि computer,  Laptop, Machines और mobile की जानकारी रखी जाती है। इसमें होने वाली ज्यादातर चीजों में (Depreciation) लगता है जिसको गवर्नमेंट ने एक चार्ट के जरिए बताया है। जैसे कि मशीन मोबाइल मैं 15 % का लैपटॉप और कंप्यूटर में 40%  का Depreciation लगता है। 

Investment

इसमें हमारी जो भी  Investment होती है जैसे कि shares, Fixed Deposit, Flat उसकी जानकारी होती है। 

Sundry Debtors

इसमें हमें जिस से भी पैसे लेने हैं उसकी जानकारी लिखी हुई रहती है। चाहे वह माल के सामने हो या फिर कुछ काम किया हुआ है उसके सामने हो।

Cash & Bank

यह हाथ में रखी हुई Cash और Bank में रखा हुआ पैसे की जानकारी होती है

Bouns Tip

बैलेंस शीट के दोनों तरफ़ की बैलेंस की जब भी आप जोड़ लगाओगे तभी आपको पता चलेगा कि दोनों तरफ़ के जो अंक है वह एक समान होते हैं। क्योंकि हम Double Entry system ka इस्तेमाल करते हैं। अगर आपकी दोनों तरफ़ की Balance एक समान नहीं है तो आप समझ लीजिए कि आपने कुछ गलती की है। या तो फिर आपने एक ही एंट्री सिस्टम से काम किया है।

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